सुंदरता एक खास समय पर खास लोगों की सृजनता का नतीजा हो सकती है, मगर यह कायम रहे इसके लिए सतत प्रयास जरूरी हैं। यह अच्छी बात है कि इस सोहणी सिटी की खूबसूरती को और बढ़ाने के लिए प्रयास भी लगातार होते रहे हैं। इसलिए इसका आकर्षण भी लगातार बढ़ता रहा है। शहर में सार्वजनिक धूम्रपान पर रोक लगे आज पूरा एक साल हो गया। इसके अच्छे नतीजे भी निकले हैं। शहर की आब-ओ-हवा साफ है। जगह-जगह आपको बीड़ी-सिगरेट के टुकड़े पड़े नहीं मिलते। कानून को न मानने वाले अपराधी प्रवृति के लोग हमेशा ही रहते हैं, वे कानून बन जाने पर भी इन्हें तोड़ते रहते हैं। कानून मनवाने की चीज नहीं है, कानून आपकी सभ्यता का प्रतीक है। आप अगर इसे मानते हैं तो आप सभ्य हैं। अगर आप नहीं मानते तो आपको इसका अपराधबोध होना चाहिए। आपको यह पता होना चाहिए कि आप क्या विकसित होते समाज में और योगदान कर सकते हैं।
अब चंडीगढ़ को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में भी काम हो रहा है। राज्यपाल रोड्रिग्स ऐसा चाहते हैं। पंजाब इंजीनियरियंग कालेज (कालेज) ने इस दिशा में प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर भी प्रशासन को सौंप दी है। पेक के डायरेक्टर प्रोफेसर मनोज दत्ता और उनकी टीम ने यह रिपोर्ट तैयार की है। अब इस रिपोर्ट को प्रशासन से अनुमति का इंतजार है। संभावना यह भी जताई जा रही है कि १५ अगस्त को इस संबंध में कोई घोषणा हो सकती है। दो अक्तूबर से यह लागू भी हो सकती है।
अगर यह फैसला ईमादारी से लागू हो जाए तो यह एक अच्छी पहल है। इस तरह के समूह हित के फैसलों को जनता अपना कर्त्तव्य समझकर मानती है तो पूरी सभ्यता विकसित होती है। हमारी सोहणी सिटी देश में विकास के ऐसे ही नए मानक गढ़ सकती है।