Wednesday, July 30, 2008

वॉयस आफ इंडिया



वॉयस आफ इंडिया मालदीव में डूब चुकी है। हमारा होनहार इस्मीत अब नहीं रहा। गायन की उसकी अलग शैली की प्रशंसा तो स्वर सम्राग्यी लता मंगेशकर भी कर चुकी हैं। लुधियाना के इस सपूत के निधन पर अब सब जगह शोक है। उसका जन्म २ सितंबर १९८९ को पंजाब के लुधियाना शहर में हुआ। नवंबर २००७ में वह स्टार वॉयस आफ इंडिया का विजेता रहा। वह मुंबई के एमएनसी कालेज में बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र था। देश ही नहीं विदेश में भी उसके चाहने वाले थे।इस्मीत को श्रद्धांजलि देते हुए सरदार अंजुम ने कुछ पंक्तियां कही हैं-

इस्मीत सबका मीत बना और खो गया।

कुछ तो बता दे आस्मां ये कैसे हो गया।

(यह पूरी कविता दैनिक हिंदुस्तान में देखी जा सकती है।)

साथ ही संजीव द्वारा बनाया गया स्कैच। बस ऐसी यादें अब शेष हैं इस्मीत तुम्हारी।

Sunday, July 13, 2008

अच्छी पहल

सुंदरता एक खास समय पर खास लोगों की सृजनता का नतीजा हो सकती है, मगर यह कायम रहे इसके लिए सतत प्रयास जरूरी हैं। यह अच्छी बात है कि इस सोहणी सिटी की खूबसूरती को और बढ़ाने के लिए प्रयास भी लगातार होते रहे हैं। इसलिए इसका आकर्षण भी लगातार बढ़ता रहा है। शहर में सार्वजनिक धूम्रपान पर रोक लगे आज पूरा एक साल हो गया। इसके अच्छे नतीजे भी निकले हैं। शहर की आब-ओ-हवा साफ है। जगह-जगह आपको बीड़ी-सिगरेट के टुकड़े पड़े नहीं मिलते। कानून को न मानने वाले अपराधी प्रवृति के लोग हमेशा ही रहते हैं, वे कानून बन जाने पर भी इन्हें तोड़ते रहते हैं। कानून मनवाने की चीज नहीं है, कानून आपकी सभ्यता का प्रतीक है। आप अगर इसे मानते हैं तो आप सभ्य हैं। अगर आप नहीं मानते तो आपको इसका अपराधबोध होना चाहिए। आपको यह पता होना चाहिए कि आप क्या विकसित होते समाज में और योगदान कर सकते हैं।
अब चंडीगढ़ को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में भी काम हो रहा है। राज्यपाल रोड्रिग्स ऐसा चाहते हैं। पंजाब इंजीनियरियंग कालेज (कालेज) ने इस दिशा में प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर भी प्रशासन को सौंप दी है। पेक के डायरेक्टर प्रोफेसर मनोज दत्ता और उनकी टीम ने यह रिपोर्ट तैयार की है। अब इस रिपोर्ट को प्रशासन से अनुमति का इंतजार है। संभावना यह भी जताई जा रही है कि १५ अगस्त को इस संबंध में कोई घोषणा हो सकती है। दो अक्तूबर से यह लागू भी हो सकती है।
अगर यह फैसला ईमादारी से लागू हो जाए तो यह एक अच्छी पहल है। इस तरह के समूह हित के फैसलों को जनता अपना कर्त्तव्य समझकर मानती है तो पूरी सभ्यता विकसित होती है। हमारी सोहणी सिटी देश में विकास के ऐसे ही नए मानक गढ़ सकती है।

Sunday, July 6, 2008

सोहणी सिटी में ब्लागर्स की मीट


हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में एक नई क्रांति दस्तक दे रही है। यह है अभिव्यक्ति की क्रांति। सूचना-तकनीक जगत में आए बदलाव ने लोगों को एक बड़ा मंच उपलब्ध करा दिया है। देश में इंटरनेट यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इन संसाधनों ने ब्लागर्स का एक नया समुदाय खड़ा कर दिया है। ये हर विषय पर अपनी बेबाक टिप्पणी देते हैं। दुनियाभर की जानकारियां साझी करते हैं। हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के युवा बड़ी संख्या में अपनी बात बेधड़क कहने के लिए ब्लागिंग कर रहे हैं। ६ जुलाई २००८ को तो पहली बार इस सोहणी सिटी में ब्लागर्स की मीट हुई। सेक्टर ३५ के होटल केसी रेजीडेंसी में हुई इस मीट में हालांकि पहली बार सिर्फ ११ ब्लागर्स ही पहुंचे पर उन्होंने सोशल इंजीनियरिंग पर सबसे ज्यादा जोर दिया। साथ ही ब्लागिंग की दुनिया के कई बड़े राज भी साझा किए। गौरव शर्मा, जिनके सुझाव पर यह मीट हुई वह इन दिनों ब्लागिंग से हर माह १० से १२ हजार रुपए कमा लेते हैं। अभिषेक वेद और समीर रेलन ने तो सेक्टर ३५ में बच्चों के लिए ब्लागिंग की कार्यशाला भी लगाई। भविष्य में वे और भी वर्कशाप लगाना चाहते हैं।